सटीक जानकारी देने के लिए जॉर्डन के लोगों का आभार व्यक्त करते हैं: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने जॉर्डन के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए अपने बयान में कहा कि वह जॉर्डन के लोगों और सैनिकों का उनके सहयोग तथा सटीक जानकारी के लिए धन्यवाद देता है। उसके अनुसार, इस जानकारी के आधार पर अल-अज़रक क्षेत्र में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर सटीक हमला किया गया, जिसमें 20 हैंगर नष्ट हुए और दर्जनों अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि “नस्र-2” अभियान की 21वीं लहर के दौरान, “तीसरे थोपे गए युद्ध” में मारी गई बच्चियों को समर्पित इस कार्रवाई में, जॉर्डन के सहयोग से अक़ाबा हवाई अड्डे पर मौजूद अमेरिकी सेना के C-17 भारी परिवहन विमान और P-8 कमांड एवं निगरानी विमान बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए गए, जिससे उनमें से कई को भारी क्षति पहुँची।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के असुरक्षित मार्ग से गुज़रने वाले दो तेल टैंकर को निशाना बनाया
आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स): दो तेल टैंकर, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य के कथित असुरक्षित मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, विस्फोट का शिकार हो गए।
आईआरजीसी के अनुसार, बीती रात देर से दो तेल टैंकर, जिन्हें उसने “नियमों का उल्लंघन करने वाला” बताया, अमेरिकी सेना के दबाव और उकसावे में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से के कथित असुरक्षित मार्ग से प्रवेश और निकास का प्रयास कर रहे थे। दावा किया गया है कि दोनों टैंकरों में विस्फोट हुआ, जिसके बाद वे आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए।
आईआरजीसी ने कहा, “यह हमारी भूमि है और हजारों किलोमीटर दूर से अमेरिकी सेना का हस्तक्षेप किसी भी कानूनी आधार पर स्वीकार्य नहीं है तथा इसका निश्चित रूप से जवाब दिया जाएगा। जब तक क्षेत्र में अमेरिका की गतिविधियाँ जारी रहेंगी, तब तक यह मार्ग उर्वरक और यहाँ तक कि तेल एवं गैस की एक बूंद के सुरक्षित आवागमन के लिए भी सुरक्षित नहीं रहेगा।”
आईआरजीसी ने आगे कहा कि “आक्रामक सेना इस कथित अवैध कार्रवाई के कारण हमारी ओर से दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहे।”

