ईरान के साथ युद्ध अमेरिका के लिए एक बड़ी त्रासदी: अमेरिकी सीनेटर मार्क वॉर्नर
अमेरिका के वर्जीनिया राज्य से सीनेटर और सीनेट की खुफिया समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य मार्क वॉर्नर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह युद्ध अमेरिका की सबसे बड़ी रणनीतिक भूलों में से एक बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने घोषित सैन्य और राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहा है, जबकि इसकी कीमत अमेरिकी सैनिकों और करदाताओं को चुकानी पड़ रही है।
वॉर्नर ने कहा कि अमेरिका पर ईरान की ओर से कोई तत्काल खतरा नहीं था, इसके बावजूद ट्रंप ने युद्ध का फैसला लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट रणनीति के शुरू किए गए इस युद्ध ने अमेरिका को सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर कमजोर किया है। दो और अमेरिकी सैनिकों की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि यही नीति जारी रही तो अमेरिका को और अधिक जान-माल का नुकसान उठाना पड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख भी प्रभावित होगी।
अमेरिकी सैनिकों की मौत का बचाव करने पर ट्रंप, विपक्ष के निशाने पर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक साक्षात्कार में ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के बारे में कहा कि उनका बलिदान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए आवश्यक था। उन्होंने वियतनाम और अफ़ग़ानिस्तान जैसे युद्धों का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े संघर्षों में ऐसी कीमत चुकानी पड़ती है।
ट्रंप के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति अपनी नीतिगत विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय सैनिकों की मौत को उचित ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट रणनीति के शुरू किए गए इस युद्ध ने अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में डाल दी है और देश को एक लंबे एवं महंगे संघर्ष में धकेल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध के संभावित परिणामों का सही आकलन नहीं किया और अब बढ़ते नुकसान के बावजूद अपनी नीति का बचाव कर रहा है।

