अमेरिका ने ईरान में युद्ध अपराध किया है: संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसके पास ऐसे उचित आधार मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि, ईरान के मीनाब में एक स्कूल और लामेर्द में एक खेल परिसर पर हुए दो सैन्य हमलों के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार था। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों को युद्ध अपराध माना जा सकता है।
“ईरान के बारे में स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-जांच मिशन” की नई रिपोर्ट में ईरान के ख़िलाफ़ उस युद्ध के दौरान अमेरिका की कार्रवाइयों की जांच की गई है, जो फरवरी (ईरानी कैलेंडर के अनुसार इस्फंद) में शुरू हुआ था। यह रिपोर्ट जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के समक्ष पेश की जानी है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कहा कि उनके पास ऐसे उचित आधार हैं, जिनसे पता चलता है कि मीनाब शहर में स्थित शजरे-ए-तैय्यबा प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले के लिए अमेरिकी सेना ज़िम्मेदार थी। इस हमले में 168 लोग मारे गए, जिनमें लगभग 120 छात्र शामिल थे।
जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि, यह हमला अंधाधुंध हमला था, जिसके कारण बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुक़सान पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ऐसा हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा अपने लक्ष्य संबंधी डेटाबेस में इस स्कूल से जुड़ी जानकारी को अपडेट न करना और यह जांच तथा पुष्टि न करना कि यह इमारत सैन्य लक्ष्य है या नहीं, केवल सामान्य लापरवाही का मामला नहीं था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि “अमेरिका ने स्कूल की इमारत की ओर हमला उस समय किया, जब उसे किसी नागरिक लक्ष्य के निशाना बनने के महत्वपूर्ण ख़तरे की जानकारी थी और इस संभावना के बावजूद उसने लापरवाहीपूर्ण तरीके से कार्रवाई की।”
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि यह स्कूल एक स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकने वाला नागरिक ठिकाना था और उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि स्कूल का सैन्य इस्तेमाल किया जा रहा था।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने ईरान के लामेर्द में एक खेल परिसर पर हुए हमले के संबंध में भी इसी तरह का निष्कर्ष निकाला।
रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में खेल परिसर के आसपास स्थित आवासीय इमारतों और एक स्कूल को भी नुक़सान पहुंचा। इस हमले के परिणामस्वरूप 22 नागरिक मारे गए या घायल हुए।
जांच टीम ने निष्कर्ष निकाला कि लामेर्द में किया गया यह हमला भी अंधाधुंध हमला था और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसे युद्ध अपराध माना जाता है।

