कुवैत में अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों पर ईरानी सेना ने फिर किया ड्रोन हमला
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने बयान जारी करते हुए कहा कि देश पर दुश्मन की लगातार आक्रामक कार्रवाइयों और हमलों के जवाब में ऑपरेशन “साएक़ाह” के 23वें चरण के तहत कुछ घंटे पहले कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के तीन महत्वपूर्ण ठिकानों को बड़े पैमाने पर आत्मघाती ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।
बयान के अनुसार, अद-दोहा (Al Doha) सैन्य अड्डे पर मौजूद गोला-बारूद और रसद सामग्री के भंडार, अली अल-सालेम (Ali Al Salem) एयर बेस के ईंधन भंडार तथा अरिफजान (Camp Arifjan) स्थित गोला-बारूद के डिपो को निशाना बनाया गया।
ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि मानवता के सबसे क्रूर दुश्मन के विरुद्ध संघर्ष में ईरान दृढ़ता और शक्ति के साथ डटा हुआ है। सेना ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इस सामर्थ्य और राष्ट्रीय शक्ति को बनाए रखने के लिए देश में एकता, सहयोग और “पूरा ईरान, ईरान के लिए” के नारे के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है।
क़तर के अल-उदीद एयर बेस को खाली किया गया
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना ने क़तर स्थित अल-उदीद (Al Udeid) एयर बेस से अपने सभी विमानों को हटा लिया है। इनमें हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और सैन्य परिवहन विमान भी शामिल हैं। इसे संभावित हमले की आशंका के मद्देनज़र उठाया गया एहतियाती कदम माना जा रहा है।
आईआरजीसी का दावा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य के असुरक्षित मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे तीन जहाज़ों में से एक में आग लगी, दो अन्य वापस लौट गए
ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित असुरक्षित मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे तीन जहाज़ों में से एक में आग लग गई, जबकि बाकी दो जहाज़ तेज़ी से पीछे लौट गए।

