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ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम यात्रा ऐतिहासिक रही: बीबीसी अरबी

ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम यात्रा ऐतिहासिक रही: बीबीसी अरबी

बीबीसी अरबी ने ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार और जनाज़े की कवरेज में इस समारोह को “ऐतिहासिक” बताया और इसमें शामिल लोगों की संख्या को “लाखों (मिलियनों)” में बताया। इस खबर को बीबीसी अरबी ने अपनी वेबसाइट के प्रमुख स्थान पर प्रकाशित किया।

बीबीसी अरबी ने लिखा कि अंतिम यात्रा का काफिला तेहरान की सड़कों पर लगभग 10 किलोमीटर तक फैला हुआ था। तेहरान के आज़ादी चौक और आसपास की सड़कों पर मौजूद लोगों ने फूल अर्पित कर अंतिम यात्रा को विदाई दी। इस काफिले में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई तथा उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के पार्थिव शरीर रखे गए थे। ताबूतों को खुले किनारों वाले विशेष मंच पर रखा गया था, ताकि लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें।

र्ईरान के नेता की अंतिम यात्रा प्रतिरोध और क्षेत्रीय नई व्यवस्था का प्रदर्शन: रॉयटर्स

रॉयटर्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में लिखा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा केवल एक राष्ट्रीय विदाई नहीं थी, बल्कि यह प्रतिरोध, एकता और शक्ति का प्रदर्शन भी थी। तेहरान में उमड़ा शोकाकुल जनसैलाब अमेरिका और इस्राईल के लिए यह संदेश था कि इस्लामी गणराज्य ईरान को कमजोर करने की उनकी कोशिशें सफल नहीं हुईं।

रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के बाद ईरान कमजोर दिखाई देने के बजाय अधिक मजबूत, एकजुट और भविष्य की क्षेत्रीय व्यवस्था को आकार देने के लिए दृढ़ संकल्पित नज़र आया।

क्षेत्रीय अधिकारियों, राजनयिकों और विश्लेषकों के हवाले से रॉयटर्स ने कहा कि ईरान की यही दृढ़ता और संकटों के बीच टिके रहने की क्षमता अब उसकी वार्ता रणनीति की आधारशिला बन गई है।

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