शहीद सुप्रीम लीडर का अंतिम विदाई समारोह, ईरान की शक्ति और एकता का प्रदर्शन है: स्काई न्यूज़
ब्रिटिश मीडिया स्काई न्यूज़ ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में लिखा कि शहीद-ए-इंक़िलाब के अंतिम विदाई समारोह में ईरान की करोड़ों जनता की भागीदारी इस कार्यक्रम को “सभी अंतिम संस्कारों की जननी” (Mother of All Funerals) बना देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि शहीद नेता और देश के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के बावजूद ईरान की शासन व्यवस्था “अब भी मज़बूती से कायम है।” स्काई न्यूज़ के संपादक ने इन अंतिम विदाई समारोहों को ईरान की “शक्ति और राष्ट्रीय एकता का सार्वजनिक प्रदर्शन” बताया।
तेहरान का मुसल्ला मैदान, आयतुल्लाह ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में जमा हुई भीड़ के कारण ऐतिहासिक मैदान बन गया। सिर्फ़ अमेरिका और इस्राईल ही नहीं, केवल ट्रंप और नेतन्याहू ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया ईरान में सुप्रीम लीडर के जनाज़े में जमा हुई भीड़ को देखकर दंग है।
मौत उसकी है करे जिसका ज़माना अफ़सोस
यूं तो दुनिया में सभी आए हैं मरने के लिए
ये एक शेर नहीं है बल्कि उन तमाम आलोचकों के मुंह पर एक एक करारा वार है जो यह कहते थे कि, ईरान में तानाशाही चल रही है।
शहीद-ए-इंक़िलाब के अंतिम संस्कार के दिन इराक़ के कई प्रांतों में सार्वजनिक अवकाश
इस्लामी क्रांति के शहीद नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई के पवित्र पार्थिव शरीर की नजफ़ अशरफ़ और कर्बला मुअल्ला में होने वाली अंतिम यात्रा और सुपुर्द-ए-ख़ाक में लोगों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इराक़ के कई प्रांतों ने आगामी बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।
अब तक बग़दाद, नजफ़ अशरफ़, कर्बला मुअल्ला, बाबिल, ज़ी क़ार, बसरा, मैसान और वासित प्रांत बुधवार को सरकारी अवकाश घोषित कर चुके हैं।

