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अमेरिकी जनता ने चुनाव में ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का विरोध किया है: क़ालिबाफ़

अमेरिकी जनता ने चुनाव में ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का विरोध किया है: क़ालिबाफ़

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ ने कहा है कि अमेरिकी जनता ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का विरोध किया है। उन्होंने मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद अमेरिकी जनता के इस संदेश का समर्थन किया है।

ईरान की इस्लामी संसद (मजलिस-ए-शूरा-ए-इस्लामी) के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी जनता ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध पर अपनी असहमति जाहिर कर दी है। उन्होंने इस संदेश का समर्थन भी किया। अमेरिकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों में वोटों की शुरुआती गिनती के नतीजों पर यह उनकी पहली प्रतिक्रिया थी।

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट में कहा:

“अंतरात्मा या जीवन-यापन की लागत? अमेरिकी जनता ने ‘युद्ध नहीं’ कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा:

“अगर अमेरिकी सरकार अपने लोगों की इच्छा के साथ विश्वासघात करती है और ऐसा उन बाहरी ताकतों की सेवा में करती है, जो उसे धन मुहैया कराती हैं, उस पर नियंत्रण रखती हैं और उसे ब्लैकमेल करती हैं, तो उसे पता चल जाएगा कि हमने जो ‘नहीं’ कहा है, उसके बाद एक वास्तविक दुःस्वप्न आने वाला है।”

यह बयान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों के सामने आने के कुछ ही समय बाद आया। इन नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन की तुलना में डेमोक्रेटिक पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दी। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बढ़त हासिल की।

दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक सांसदों ने कई बार ऐसे विधेयक पारित कराने की कोशिश की है, जिनका उद्देश्य ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता जारी रखने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारों और शक्तियों को सीमित करना है।

इसी बीच, बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध उन कारणों में से एक है, जिसकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी को मध्यावधि चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।

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