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कुवैत में रडार, संचार केंद्र और MQ-9 ड्रोन हैंगर भी निशाना बने: आईआरजीसी

कुवैत में रडार, संचार केंद्र और MQ-9 ड्रोन हैंगर भी निशाना बने: आईआरजीसी

इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने क्षेत्र में तैनात अमेरिका के रडारों और वायु रक्षा प्रणालियों के लिए “काली रात” साबित होने वाला अभियान चलाया।

आईआरजीसी के अनुसार, ऑपरेशन “नस्र-2” की 24वीं लहर के दौरान भविष्य में होने वाले व्यापक सैन्य अभियानों का मार्ग प्रशस्त करने और सटीक हमलों में बाधा बनने वाले रक्षा तंत्र को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से बहरीन के अल-मुहर्रक में तैनात एक अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली और एक रडार को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया तथा उन्हें परिचालन से बाहर कर दिया गया।

इसके अलावा, बहरीन के अल-रिफ़ा में तैनात अमेरिका की एक पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली पर एक साथ मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया, जिसे आईआरजीसी ने पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया है।

आईआरजीसी ने आगे दावा किया कि, ऑपरेशन “नस्र-2” की 24वीं लहर के दूसरे चरण में, व्यापक हवाई और मिसाइल अभियानों का रास्ता साफ़ करने के लिए कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना के एक लंबी दूरी के रडार स्टेशन, संचार केंद्र, उपग्रह संचार एवं रिसीविंग प्रणालियों तथा मिसाइल रक्षा रडार पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया, जिससे वे नष्ट हो गए।

आईआरजीसी के अनुसार, अली अल-सालेम एयर बेस में स्थित MQ-9 ड्रोन के एक हैंगर को भी निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कई ड्रोन नष्ट हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।

क्षेत्र में रडार प्रणालियों की “सफाई” जारी रहने का दावा

आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में कहा कि, ईरानी बलों ने अमेरिकी ठिकानों पर और भी ज़ोरदार हमले किए तथा अमेरिकी वायु रक्षा नेटवर्क को कमजोर करने के उद्देश्य से कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस में तैनात एक प्रारंभिक चेतावनी रडार, मिसाइल रक्षा रडार प्रणाली, FPS-117 रडार, पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली तथा वायु रक्षा से संबंधित उपग्रह संचार प्रणाली को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।

आईआरजीसी ने दावा किया कि इस “रडार सफाई अभियान” के बाद विरोधी पक्ष को ड्रोन और मिसाइलों की आगामी लहरों के अधिक निर्णायक और शक्तिशाली हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए।

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