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ईरानी उड़ानों के निलंबन पर बग़दाद और बसरा में विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी को तलब करने की इराक़ी सांसदों की योजना

ईरानी उड़ानों के निलंबन पर बग़दाद और बसरा में विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी को तलब करने की इराक़ी सांसदों की योजना

फ़ार्स अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार इराक़ी संसद के एक सांसद ने बताया है कि, ईरान के साथ उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध के परिणामों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री और संबंधित सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में एक आपात बैठक आयोजित करने के उद्देश्य से 50 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए गए हैं।

इराक़ी संसद सदस्य अहमद शहीद ने हालिया घटनाक्रम के संबंध में केवल निंदा करने तक सीमित रहने वाले रवैये की आलोचना करते हुए ईरान के साथ उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध के परिणामों की समीक्षा के लिए व्यावहारिक रुख़ अपनाने और ठोस क़दम उठाने की मांग की।

ईरानी उड़ानों के निलंबन पर प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी को तलब करने की योजना

अहमद शहीद ने कहा कि अपने निगरानी संबंधी संवैधानिक दायित्व के तहत उन्होंने कुछ ही घंटों में संसद में एक आपात बैठक बुलाने के लिए 50 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर जुटा लिए हैं और हस्ताक्षर करने वाले सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने मांग की कि इस बैठक में इराक़ के प्रधानमंत्री और संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारी मौजूद रहें, ताकि ईरान के साथ उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध से पैदा होने वाले गंभीर परिणामों की समीक्षा की जा सके।

इस इराक़ी सांसद ने कहा:

“मामला केवल उड़ानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके ऐसे परिणाम भी हैं जो लोगों के जीवन और उनके हितों को प्रभावित करते हैं; इनमें इलाज की आवश्यकता वाले मरीज़, छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं। इसके अलावा, इस प्रतिबंध के मानवीय, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी परिणाम भी हो सकते हैं।”

1990 के बाद इराक़ पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा:

“इराक़, जो ख़ुद प्रतिबंधों की कड़वी पीड़ा झेल चुका है और जिसमें ज़ायोनीवाद तथा अमेरिका ने उनका समर्थन और क्रियान्वयन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, आज दूसरे देशों के लोगों की नाकाबंदी का साधन नहीं बनना चाहिए।”

इस इराक़ी सांसद ने अंत में अमेरिकी वित्त मंत्रालय की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा:

“अमेरिकी वित्त मंत्रालय के इस ग़लत फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे।” इस बीच, इराक़ी सरकार के फैसले के खिलाफ जारी विरोध के बीच, बग़दाद और बसरा में इराक़ी नागरिकों ने प्रदर्शन किए और ईरान की उड़ानों के निलंबन की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने इसे इराक़ की राष्ट्रीय संप्रभुता के विरुद्ध बताया।

बग़दाद में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के ख़िलाफ़ नारे लगाए

बग़दाद के तहरीर चौक में प्रदर्शनकारियों ने नाकाबंदी और अमेरिका के ख़िलाफ़ नारे लगाए तथा इस फैसले को वापस लेने की मांग की। इराक़ी बदर संगठन के प्रमुख हादी अल-आमेरी ने तहरीर चौक में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कहा:

“हम इस्लामी गणराज्य ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी नाकाबंदी और इस अन्यायपूर्ण फैसले के सामने झुकने की निंदा करते हैं और इराक़ी सरकार से मांग करते हैं कि, वह इस फैसले के आगे न झुके।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इराक़ी सरकार को जनता की मांग को स्वीकार करना चाहिए और इस फैसले से पीछे हटना चाहिए।

बसरा में भी प्रदर्शनकारियों ने ईरान और इराक़ की दोनों जनता के बीच संबंधों पर जोर देते हुए दोनों देशों के बीच उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त करने की मांग की।

पिछले दो दिनों के दौरान भी इराक़ के कई राजनेताओं तथा सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों के साथ इराक़ी सरकार के फैसले को लेकर अपनी आपत्ति जताई है और इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है।

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