पेंटागन ने इराक़ को दी चेतावनी: “या ईरान, या अमेरिका” किसी एक को चुनना होगा
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि इराक़ के साथ भविष्य के व्यापारिक और रक्षा सहयोग को इस बात से जोड़ा जाएगा कि इराक़ अपनी संप्रभुता को मज़बूत करे और ईरान समर्थित प्रतिरोधी समूहों को निरस्त्र करे।उन्होंने बग़दाद से कहा कि, उसे ईरान समर्थित समूहों और अमेरिका के साथ संबंधों के विस्तार—इन दोनों में से किसी एक को चुनना होगा।
इराक़ में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की आवश्यकता नहीं: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक़ के प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी से मुलाक़ात के दौरान कहा कि, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य सभी जहाज़ों के लिए खुला रहेगा, सिवाय उन जहाज़ों के जो ईरान से संबंधित हैं।
उन्होंने कहा, “हम पूर्ण नाकेबंदी लागू करेंगे, लेकिन केवल उन जहाज़ों पर जो ईरानी बंदरगाहों से आते हैं या वहाँ जाते हैं।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इराक़ के संबंध मज़बूत हैं और इराक़ में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी की अब आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी संस्था को शुल्क (टोल) लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने आगे कहा, “मुझे शुल्क लेने की अवधारणा पसंद नहीं है, लेकिन बिना किसी मुआवज़े के इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा नहीं की जा सकती। मैं टोल का समर्थक नहीं हूँ, लेकिन निवेश के रूप में मुआवज़ा मिलना चाहिए।”
ट्रंप ने दावा किया कि “पहली गोली ईरान ने चलाई थी और हम उसका जवाब दे रहे हैं। हमने 47 वर्षों तक ईरान को सहन किया और उसकी सभी सैन्य क्षमताओं को समाप्त कर दिया है।”
उन्होंने कहा कि इराक़ के पास व्यापक संभावनाएँ हैं और अमेरिका उसके साथ कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर करेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इराक में विभिन्न सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) की प्रक्रिया अच्छी तरह आगे बढ़ेगी।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान और हिज़्बुल्लाह को रूस के विरुद्ध प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, अमेरिका और इराक़ के संबंध अब असाधारण रूप से अच्छे हो गए हैं।

