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मोहसिन रज़ाई की यूएई को चेतावनी: ‘ग़ाज़ा के क़ातिल’ की मेज़बानी के अच्छे परिणाम नहीं होंगे

मोहसिन रज़ाई की यूएई को चेतावनी: ‘ग़ाज़ा के क़ातिल’ की मेज़बानी के अच्छे परिणाम नहीं होंगे

इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने यूएई को चेतावनी देते हुए कहा है कि, इस्राईल के प्रधानमंत्री की मेज़बानी के “अच्छे परिणाम” नहीं होंगे।

रज़ाई ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि जिस तरह अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेज़बानी करने से यूएई को सुरक्षा नहीं मिली, उसी तरह उनके शब्दों में, “ग़ाज़ा के क़साई” की मेज़बानी के भी अच्छे परिणाम नहीं होंगे।

उन्होंने अपने संदेश में क्षेत्रीय देशों से हालिया युद्ध से सबक़ लेने की अपील करते हुए कहा कि, उन्हें युद्ध भड़काने से बचना चाहिए। रज़ाई ने साथ ही ईरान से संबंधित द्वीपों को लेकर किए जाने वाले दावों को “बेबुनियाद” बताते हुए उन्हें बंद करने की मांग की।

हालांकि रज़ाई ने अपने संदेश में यूएई का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी नेतन्याहू की अबू धाबी यात्रा के बाद आई। रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने इस यात्रा के दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद से मुलाकात की। बैठक में क्षेत्रीय मुद्दों और ईरान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की ख़बरें सामने आई हैं।

ईरानी अधिकारियों की यह प्रतिक्रिया केवल रज़ाई के बयान तक सीमित नहीं रही। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी नेतन्याहू की यूएई यात्रा पर चिंता जताते हुए क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी थी कि वे अपनी धरती को ऐसे किसी भी कदम के लिए इस्तेमाल न होने दें, जिसे तेहरान क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाला मानता है।

मोहसिन रज़ाई के बयान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इस्राईल के साथ क्षेत्रीय संबंधों, हालिया युद्ध और ईरानी द्वीपों—इन सभी मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए यूएई को राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी संदेश दिया गया है। “ग़ाज़ा के क़साई” शब्द रज़ाई द्वारा नेतन्याहू के लिए इस्तेमाल किया गया एक तीखा राजनीतिक संबोधन है; यह मूल बयान का हिस्सा है।

इस बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब ईरान और इस्राईल के बीच तनाव तथा खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं पहले से चर्चा में हैं। रज़ाई ने अपने संदेश में सीधे तौर पर किसी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की, बल्कि यूएई को इस्राईल के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय भूमिका को लेकर चेतावनी दी है।

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