परमाणु हथियार इस्राईल के पास, और निरीक्षण की मांग ईरान से की जाती है: पे़ज़ेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पे़ज़ेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पश्चिमी देशों के कथित पाखंड की आलोचना करते हुए कहा कि परमाणु हथियार रखने वाले इस्राईल को पूरी तरह से दंडमुक्ति मिली हुई है, जबकि ईरान को लगातार निरीक्षणों और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि केवल बयानबाज़ी से विश्वास क़ायम नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए दोहरे मापदंडों को पूरी तरह त्यागना होगा।
इस्राईल ने ग़ाज़ा में 70,000 लोगों का नरसंहार किया
पे़ज़ेश्कियान ने कहा, “इस क्षेत्र में परमाणु बम और सामूहिक विनाश के अन्य हथियार इस्राईली शासन के हाथों में हैं, फिर भी ईरान से निरीक्षण की मांग की जाती है! उन्होंने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को विरोधाभासी बताते हुए कहा, “इस्राईल ने ग़ाज़ा में 70,000 लोगों का नरसंहार किया, जबकि बातचीत की मेज़ पर आने के बाद भी ईरान पर बमबारी की गई!”
पे़ज़ेश्कियान ने कहा कि, इस्राईल के पास परमाणु हथियार हैं, वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) में शामिल होने से इनकार करता है और उसने अपने पूरे इतिहास में एक भी अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक को अधिकृत क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है।
उन्होंने कहा, “इसके बावजूद उसे अरबों डॉलर के मुफ़्त हथियार दिए जाते हैं और किसी भी राजधानी पर बमबारी करने की पूरी छूट प्राप्त है। मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य के विरोधाभास को रेखांकित करते हुए पे़ज़ेश्कियान ने दोहराया:
“मैं फिर कहता हूँ: परमाणु बम इस्राईल में है, लेकिन निरीक्षक ईरान में हैं! इस्राईल हत्या करता है, जबकि ईरान पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं!”
‘हम आतंकवाद के शिकार हैं’
पे़ज़ेश्कियान ने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इस्राईल द्वारा किए गए युद्ध अपराधों को दर्शाने वाली तस्वीरें संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिखाईं।
उन्होंने कहा,
“हम आतंकवादी नहीं हैं; हम आतंकवाद के शिकार हैं।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरानी राष्ट्र पर लगाए गए आरोपों का सीधे जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को “भ्रमित” बताया। पे़ज़ेश्कियान ने ईरान के ख़िलाफ़ किए गए कथित अभूतपूर्व अपराधों का भी उल्लेख किया।
हमारे सुप्रीम लीडर की हत्या की गई
उन्होंने कहा, “मैं ऐसे ईरान से आता हूँ जहाँ हमारे नेता की हत्या बिना किसी कानूनी औचित्य और बिना किसी सबूत के कर दी गई। यहाँ उन्होंने आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की हत्या का संदर्भ दिया, जिसके बारे में उनके अनुसार अमेरिका-इस्राईल के 40 दिनों तक चले युद्ध के पहले दिन हत्या की गई थी।
मीनाब स्थित शजरे तैय्येबा प्राथमिक विद्यालय में अमेरिकी बमबारी में मारे गए स्कूली बच्चों की तस्वीरें दिखाते हुए पे़ज़ेश्कियान ने कहा:
“मैं ऐसे ईरान से आता हूँ जहाँ उन्होंने एक स्कूल पर बमबारी की। आप इन बच्चों को देख सकते हैं। उन्होंने इन बच्चों पर बम गिराए और उन्हें मार डाला—उन हथियारों से जो उन्हें अमेरिका और इस्राईल से मिले थे। इन बच्चों ने कोई पाप नहीं किया था। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।”
उन्होंने लामेर्द शहर पर हुए हमले का भी विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि वहाँ अमेरिकी बलों ने पहली बार अत्याधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा:
“लामेर्द ईरान के छोटे शहरों में से एक है। वहाँ एक खेल परिसर है, जहाँ बच्चे व्यायाम कर रहे थे। अमेरिका ने क्लस्टर बमों से उस पर हमला किया, जो हज़ारों टुकड़ों में बिखर गए। उन्होंने हमारे वैज्ञानिकों, हमारे लोगों, हमारी महिलाओं और उन निर्दोष बच्चों को शहीद कर दिया, जिन्होंने कोई पाप नहीं किया था।”

