कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के तेल टैंकरों के चालक दल को आईआरजीसी की चेतावनी: अपने जहाजों को तुरंत छोड़ दें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के आसपास मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को तत्काल चेतावनी जारी की है। IRGC ने चालक दल से अपने जहाज़ों को तुरंत छोड़ने को कहा है। चेतावनी में कहा गया है कि इन जहाज़ों को निशाना बनाया जा सकता है।
IRGC नौसेना के अनुसार, यह चेतावनी अमेरिका द्वारा ईरान के कई तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद जारी की गई है। IRGC ने कुवैत और बहरीन पर अमेरिका की कार्रवाई में सहयोग करने का आरोप लगाया है।
IRGC नौसेना ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, “अमेरिकी आतंकवादी सेना द्वारा इस्लामी गणराज्य ईरान से संबंधित कई तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई को देखते हुए, हम कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों एवं जलक्षेत्रों के आसपास मौजूद सभी टैंकरों के चालक दल को चेतावनी देते हैं कि वे तुरंत अपने जहाज़ों को छोड़ दें। चाहे जहाज़ बंदरगाह पर खड़े हों या लंगर डाले हुए हों, उन्हें निशाना बनाया जाएगा।”
इससे पहले अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि अमेरिका ने मंगलवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में खार्ग द्वीप के पास कई ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया।
ख़बर के मुताबिक, अप्रैल में अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ हालिया अमेरिकी-इस्राईली आक्रामकता के दौरान एकतरफा युद्ध-विराम की घोषणा की थी। यह क़दम ईरान की लगातार और कड़े जवाबी हमलों के बाद उठाया गया था।
हालांकि, ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने कई बार युद्ध-विराम की शर्तों का उल्लंघन किया और इसके जवाब में ईरान ने भी लगातार जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिका पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने तेहरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भी उल्लंघन जारी रखा। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पैदा हुए संघर्ष और जवाबी कार्रवाई के सिलसिले को समाप्त करना था।
ईरान ने कहा है कि उसने अमेरिकी उल्लंघनों की किसी भी घटना को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा। इसके साथ ही उसने अमेरिका द्वारा समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी किए जाने तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को निर्णायक रूप से बंद करने की बात कही है।
ईरान की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाइयों में से एक शनिवार को हुई, जब IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने अमेरिका की कथित अवैध नौसैनिक नाकाबंदी में शामिल एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। खबर में दावा किया गया है कि मिसाइल हमले के बाद दोनों अमेरिकी जहाज वहां से हटने को मजबूर हो गए।

