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आयतुल्लाह ख़ामेनेई की ऐतिहासिक अंतिम यात्रा के बाद इराक़ी अधिकारियों पर इरक़ी जनता की इच्छा का सम्मान करना आवश्यक: इराक़ हिज़्बुल्लाह

आयतुल्लाह ख़ामेनेई की ऐतिहासिक अंतिम यात्रा के बाद इराक़ी अधिकारियों पर इरक़ी जनता की इच्छा का सम्मान करना आवश्यक: इराक़ हिज़्बुल्लाह

इराक़ी हिज़्बुल्लाह के महासचिव अबू हुसैन अल-हुमैदावी ने एक बयान जारी कर सर्वोच्च नेता हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अंतिम यात्रा इराक़ी जनता की इच्छा और संकल्प का प्रतीक है तथा इसे एक प्रकार का जनमत-संग्रह माना जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा, “हिज़्बुल्लाह ब्रिगेड्स (कताइब हिज़्बुल्लाह) की स्थापना उम्मत के शहीद नेता के आदेश और मार्गदर्शन में हुई थी। उसके गठन के पहले दिन से लेकर आज तक उसके लड़ाके उसी विचारधारा और इस मुबारक मार्ग के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं। आज भी हम उसी दृढ़ता और अटल संकल्प के साथ अपने शहीद सुप्रीम लीडर—अल्लाह उन पर अपनी रहमत नाज़िल करे—और उनके सम्मानित उत्तराधिकारी से यह वचन दोहराते हैं कि हम हमेशा वफ़ादार सैनिक और आस्था तथा प्रतिरोध की रक्षा करने वाली मज़बूत ढाल बने रहेंगे तथा इस मार्ग और अपने इस संकल्प से कभी पीछे नहीं हटेंगे।”

अल-हुमैदावी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शहीद सुप्रीम लीडर की ऐतिहासिक और जनसैलाब वाली अंतिम यात्रा इराक़ में एक जनमत-संग्रह के समान थी। उन्होंने इराक़ के राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अत्यंत संवेदनशील ऐतिहासिक दौर में वे इराक़ की गौरवशाली जनता—जिसे उन्होंने “प्रतिरोध और जिहाद की जनता” कहा—की इच्छा का सम्मान करें और तथाकथित साम्राज्यवादी योजनाओं एवं परियोजनाओं का साथ देने से बचें।

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