बक़ाई का बहरीन के शाह को जवाब: इस्लाम में श्रेष्ठता का आधार अरबी भाषा नहीं, बल्कि अच्छा आचरण है
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने आज बहरीन के शाह के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, इस्लाम में किसी व्यक्ति की श्रेष्ठता का आधार न तो अरबी भाषा है और न ही वह्य (ईश्वरीय संदेश) की धरती के निकट होना। उन्होंने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार इंसान की वास्तविक श्रेष्ठता केवल तक़वा (ईश्वर-भय और धर्मपरायणता) के आधार पर तय होती है।
बक़ाई ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ईरान हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे पड़ोसी संबंधों और इस्लामी देशों के बीच भाईचारे की नीति पर ज़ोर देता आया है। उन्होंने कहा कि यह नीति उस सरकार के साथ भी अपनाई गई है जो ईरान की दृष्टि में ईरान की भूमि से अलग हुए एक हिस्से पर शासन कर रही है। यह टिप्पणी बहरीन को लेकर ईरान के पुराने ऐतिहासिक दावे की ओर संकेत मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी उम्मत की एकता, पारस्परिक सम्मान और सहयोग को मज़बूत करना सभी मुस्लिम देशों की साझा ज़िम्मेदारी है तथा धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर किसी भी प्रकार की श्रेष्ठता का दावा इस्लाम की मूल शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है।
इसके बाद इस्माईल बक़ाई ने कहा:
“राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ईरान हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध और सभी मुस्लिम देशों के बीच भाईचारे की बात करता रहा है। यह नीति हमने उस सरकार के साथ भी अपनाई है, जो ईरान के अनुसार उसकी भूमि से अलग हुए एक हिस्से पर शासन कर रही है।”
बक़ाई का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में ईरान और बहरीन के बीच बयानबाज़ी तेज़ हुई है और दोनों देशों के संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है।

