ईरान की संपत्तियों को ज़ब्त करने वाले ट्रंप के बयान पर ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने ईरान की संपत्तियों को ज़ब्त करने की अमेरिकी धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि इस तरह का कदम एक ख़तरनाक मिसाल बनेगा और इससे पैदा होने वाली अराजकता तथा अस्थिरता न तो किसी के लिए सुखद होगी और न ही शांति का कारण बनेगी।
अराक़ची ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि किसी देश की संपत्तियों को भविष्य में होने वाले संभावित और असंबंधित दावों के भुगतान के लिए ज़ब्त करना एक अत्यंत ख़तरनाक और तनाव बढ़ाने वाली परंपरा की शुरुआत होगी।
उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे कदम का स्वागत करते हैं या उससे लाभ उठाने की उम्मीद रखते हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि यदि सरकारें दूसरे देशों की संपत्तियों को ज़ब्त करना सामान्य नीति बना लें, तो फिर दुनिया में किसी भी देश की संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी।
अराक़ची ने ज़ोर देकर कहा कि इस प्रकार की नीति से पैदा होने वाली अराजकता और अस्थिरता न तो सुखद होगी और न ही शांति स्थापित करने वाली। बता दें कि, इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि, जहाज़ों या मालवाहक खेपों को होने वाले किसी भी नुक़सान की भरपाई अमेरिका में मौजूद ईरान की संपत्तियों से की जाएगी।
अमेरिकी सरकार में मौजूद इस्राईल समर्थक तत्व वास्तविकता से आँखें मूँद रहे हैं: अराक़ची
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि अमेरिका की सरकार में मौजूद इस्राईल समर्थक तत्व “अपना सिर रेत में दबाए हुए हैं”। यह अंग्रेज़ी की प्रसिद्ध कहावत की ओर संकेत है, जिसका अर्थ है कि वे वास्तविकता को स्वीकार करने से बच रहे हैं।
अराक़ची ने कहा कि ये लोग ज़मीनी हकीकतों से आँखें मूँदे हुए हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी पूरी चिंता केवल वर्ष 2028 के अमेरिकी चुनाव हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने इस अविवेकपूर्ण आक्रामकता को बढ़ावा दिया और उसका समर्थन किया है, उनके प्रयासों का केवल एक ही परिणाम होगा। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति वास्तव में किसी समझौते की तलाश में हैं, तो उन्हें उसकी कहीं अधिक बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

