बहरीन में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य अड्डों पर ईरान ने ‘आरश’ ड्रोन से हमला किया
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने घोषणा की कि ‘साएक़ा’ अभियान के 26वें चरण में तथा शहीद ब्रिगेडियर जनरल (द्वितीय श्रेणी) पायलट मजीद काज़मी, जो वायुसेना के सुखोई-24 लड़ाकू विमान के बहादुर पायलट थे, की शहादत का बदला लेने के उद्देश्य से सेना के आत्मघाती ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बिजली पैदा करने वाले जनरेटर, नेविगेशन प्रणाली तथा अमेरिकी सेना की प्रशासनिक और रसद (लॉजिस्टिक) इमारतों को निशाना बनाया।
बयान में कहा गया कि, पिछले कई दिनों से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जारी हमलों और आज रात किए गए नए हमलों के बावजूद, अमेरिकी अड्डों पर तैनात अनेक वायु रक्षा प्रणालियाँ इन हमलों को पूरी तरह रोक नहीं सकीं। इन हमलों के कारण अमेरिकी सेना के उपकरणों तथा उसके सैन्य ठिकानों को उल्लेखनीय क्षति पहुँचने का दावा किया गया है।
सेना के अनुसार, बहरीन का शेख ईसा एयर बेस फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील सैन्य अड्डों में से एक है। यहाँ टोही विमान तैनात रहते हैं तथा हेलीकॉप्टरों और ड्रोन के पुर्जों की मरम्मत एवं रखरखाव की प्रमुख सुविधाएँ मौजूद हैं।
बयान में दावा किया गया कि सशस्त्र बलों के लगातार हमलों से इस अड्डे पर तैनात अमेरिकी सेना की युद्ध क्षमता और रसद सहायता प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

