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चीन और रूस के वीटो से ईरान विरोधी प्रस्ताव विफल, ईरान ने आभार जताया

चीन और रूस के वीटो से ईरान विरोधी प्रस्ताव विफल, ईरान ने आभार जताया

रूस और चीन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों से संबंधित पेश किए गए प्रस्ताव के मसौदे पर वीटो कर दिया। दोनों देशों के विरोध के कारण अमेरिका का ईरान विरोधी प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पारित नहीं हो सका।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका की ईरान विरोधी कोशिश एक बार फिर विफल हो गई।

आज सुरक्षा परिषद में अमेरिका के प्रतिनिधि ने एक बार फिर ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ वॉशिंगटन के आरोपों को दोहराया और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों से संबंधित समिति के कार्यकाल को बढ़ाने की कोशिश की।

ईरान के साथ परमाणु समझौते जेसीपीओए (JCPOA) के लागू होने से पहले, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वर्ष 2006 में प्रस्ताव संख्या 1737 के तहत ईरान के खिलाफ एक समिति गठित की थी, जिसे «समिति 1737» कहा जाता था। इस समिति के पास प्रतिबंधों को लागू कराने से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। इस समिति के बिना ईरान के खिलाफ विभिन्न प्रतिबंधों, पाबंदियों और निषेधों को लागू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

तीन यूरोपीय देशों द्वारा स्नैपबैक (Snapback) तंत्र शुरू किए जाने के बाद रूस और चीन ने बार-बार कहा है कि ईरान की ओर से जेसीपीओए के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किए जाने को देखते हुए वे इस समिति को दोबारा सक्रिय किए जाने का विरोध करेंगे।

आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के प्रतिनिधि ने इस मुद्दे को “कार्यसूची से बाहर का मामला” बताते हुए इसका विरोध किया। रूसी राजनयिक ने कहा कि ईरान का परमाणु मामला अब अप्रासंगिक हो चुका है और उन्होंने स्नैपबैक तंत्र के सक्रिय होने से संबंधित दावों को खारिज कर दिया।

चीन के प्रतिनिधि ने भी रूस के इन बयानों का समर्थन किया

रूस और चीन ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के मसौदे के खिलाफ मतदान किया। दोनों देशों के विरोध के कारण अमेरिकी प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पारित नहीं हो सका और ईरान के खिलाफ अमेरिका की यह कोशिश विफल हो गई।

ईरान ने रूस और चीन का आभार जताया

ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रस्ताव को रोकने में रूस और चीन की भूमिका के लिए ईरान ने दोनों देशों का आभार व्यक्त किया है।

संयुक्त राष्ट्र में इस्लामी गणराज्य ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने रूस और चीन द्वारा प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही पाकिस्तान और सोमालिया को प्रस्ताव पर मतदान से अनुपस्थित (Abstain) रहने तथा अपने सिद्धांतपूर्ण और महत्वपूर्ण रुख के लिए भी धन्यवाद दिया।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश में कहा:

“रूस और चीन एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद की अखंडता के बचाव में दृढ़ता से खड़े हुए और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की ओर से सुरक्षा परिषद का अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने के एक और निराशाजनक प्रयास को रोक दिया।”

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