तेहरान: ब्रिटिश अख़बार द टेलीग्राफ ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि ईरान के “हदीद-110” (Hadid-110) आत्मघाती ड्रोन का उन्नत संस्करण तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह नया ड्रोन पहले की तुलना में कम ऊंचाई पर उड़ान भरता है, अधिक तेज़ है और रडार से बच निकलने की बेहतर क्षमता रखता है।
बताया गया है कि यह नया स्टील्थ (रडार से बचने वाला) ड्रोन जेट इंजन से लैस है और इसकी अधिकतम गति 300 मील प्रति घंटा (करीब 480 किलोमीटर प्रति घंटा) से अधिक है। दावा किया गया है कि इसे अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली को भेदने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि पिछले दो सप्ताह के दौरान इस ड्रोन का पहली बार वास्तविक अभियान में इस्तेमाल किया गया और इसे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा युद्धपोतों की ओर दागा गया।
टेलीग्राफ के अनुसार, नया हदीद-110 पुराने मानक मॉडल का उन्नत संस्करण है, जिसे ईरानी अधिकारी अपने सबसे सक्षम हथियारों में से एक मानते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी उच्च गति और रडार से बचने की क्षमता है।
जहां ईरान के अधिकांश हमला करने वाले ड्रोन प्रोपेलर इंजन से चलते हैं, वहीं यह नया मॉडल टर्बोजेट इंजन से लैस है। इसकी अधिकतम गति 316 मील प्रति घंटा (लगभग 508 किलोमीटर प्रति घंटा) बताई गई है, जिससे इसे ईरान का अब तक का सबसे तेज़ ज्ञात ड्रोन माना जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ड्रोन को पहले ठोस ईंधन वाले बूस्टर की मदद से लॉन्च किया जाता है। इसके बाद आवश्यक गति और ऊंचाई मिलने पर इसका जेट इंजन चालू हो जाता है, जिससे इसे युद्धक्षेत्र में बहुत कम समय में तैनात किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी तेज़ रफ्तार वायु रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती बन सकती है, क्योंकि रक्षा प्रणाली को किसी भी खतरे की पहचान और उसे रोकने के लिए कुछ समय चाहिए होता है। दावा है कि हदीद-110 को इसी प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, ताकि लक्ष्य की सुरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया देने से पहले ही यह अपने लक्ष्य तक पहुंच सके।
टेलीग्राफ ने यह भी कहा कि ड्रोन का बाहरी ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि रडार पर इसकी पहचान मुश्किल हो। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बॉडी एकीकृत (सीमलेस) डिज़ाइन की है, जिसमें बाहरी जोड़ या बोल्ट कम दिखाई देते हैं, जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता बढ़ती है।
रिपोर्ट के अंत में कहा गया है कि यह नया हथियार केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की रणनीतिक मंशा का भी संकेत माना जा रहा है। अमेरिकी हमलों के दौरान इस ड्रोन का सामने आना वाशिंगटन के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

